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Essay on stone..

Tuesday, July 5, 2016

स्कूल में मैडम ने कहा---" अपनी पसंद के किसी भी विषय पर एक निबंध लिखो। "
एक बालक ने निबंध लिखा.....
विषय :-
                 *पत्थर*

पत्थर मतलब भगवान होता है क्योंकि वो हमारे आजू बाजू सब तरफ होता है। जहाँ भी देखो नजर आता है।

अपरिचित गलियों में वो हमें कुत्तों से बचाता है।

हाईवे पर गाँव कितनी दूर है, ये बताता है।

घर की बाउंड्रीवाल में लगकर हमारी रक्षा करता है।

रसोई में सिलबट्टा बनकर माँ के काम आता है।

बच्चों को पेड़ से आम, जामुन, बेर आदि तोड़कर देता है।

कभी कभी हमारे ही सिर पर लगकर खून निकाल देता है और इस प्रकार हमें शत्रु की पहचान कराता है।

जिन युवाओं का माथा फिरा हो तब उनके हाँथ लगकर खिड़कियों के काँच तोड़कर उनका क्रोध शांत करता है।

रास्ते पर मजदूरों का पेट भरने के लिए खुद को ही तुड़वाता है।

शिल्पकार के मन के सौंदर्य को साकार करने के लिए छैनियों के घाव सहन करता है।

किसान को पेड़ के नीचे आराम देने के लिए तकिया बन जाता है।

बचपन में स्टंप तो कभी लघोरी आदि बनकर हमारे साथ खेलता है।

हमारी सहायता के लिए भगवान की तरह तुरंत उपलब्ध होता है।

मुझे बताइए, कि, " भगवान के अलावा और कौन करता है हमारे लिए इतना ?? "

माँ कहती है, " पत्थर पर सिन्दूर लगाकर उसपर विश्वास करो तो वो भगवान बन जाता है। "

मतलब, पत्थर ही भगवान होता है।

*Moral :- Be positive. Every one is good.*

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