Pages

Ghazal E insult

Sunday, October 4, 2015

Ghazal -E- Insult

पत्नी  मायके जाती है और  मैसेज भेजती है:

"मेरी मोहब्ब्त को अपने दिल में ढूंढ लेना;
और हाँ, आटे को अच्छी तरह गूँथ लेना!

मिल जाए अगर प्यार तो खोना नहीं;
प्याज़ काटते वक्त बिलकुल रोना नहीं!

मुझसे रूठ जाने का बहाना अच्छा है;
थोड़ी देर और पकाओ आलू अभी कच्चा है!

मिलकर फिर खुशियों को बाँटना है;
टमाटर जरा बारीक़ ही काटना है!

लोग हमारी मोहब्ब्त से जल न जाएं;
चावल टाइम पे देख लेना कहीं गल न जाएं!

कैसी लगी हमारी ग़जल बता देना;
नमक कम लगे तो और मिला लेना!

पति का रिप्लाई:

तुम्हारी यही अदा तो दिल को भा गईं..
तुम्हारे जाते ही,  पड़ोसन खाना पकाने आ गई ..

No comments:

Post a Comment

 

Receive all updates via Facebook. Just Click the Like Button Below...

Powered By OnlineBlogger